Learn
चंद्र (Moon): ब्रह्मांडीय रानी
- संस्कृत नाम (Sanskrit Name): चंद्र (शीतल), सोम (अमृत)
- भूमिका (Role): रानी / मन (Manas)
- प्रकार (Type): प्राकृतिक शुभ ग्रह (बढ़ते हुए, उज्ज्वल); क्षीण होने पर कमज़ोर/अशुभ
- दिन (Day): सोमवार (Monday)
- रंग (Color): सफेद, चांदी, मोती जैसा
- रत्न (Gemstone): मोती (Pearl)
- धातु (Metal): चांदी (Silver)
- दिशा (Direction): उत्तर-पश्चिम (North-West)
- तत्व (Element): जल (Water)
- लिंग (Gender): स्त्री
- गुण (Guna): सात्विक
- वर्ण (Caste): वैश्य
- उच्च (Exaltation): वृषभ 3°
- नीच (Debilitation): वृश्चिक 3°
- स्व राशि (Own Sign): कर्क
- मूलत्रिकोण (Mooltrikona): वृषभ 4°–30°
1. वाइब: मन, माता और दर्पण
यदि सूर्य यह दर्शाता है कि आप क्या हैं (आत्मा, वस्तुनिष्ठ सत्य), तो चंद्रमा यह दर्शाता है कि आप कैसे अनुभव करते हैं कि आप कौन हैं (मन, व्यक्तिपरक फ़िल्टर)। चंद्रमा वैदिक ज्योतिष में सबसे महत्वपूर्ण ग्रह है — लगभग हर भविष्यवाणी के लिए सूर्य से भी अधिक महत्वपूर्ण। क्यों? क्योंकि चंद्रमा यह तय करता है कि आप खुश हैं या नहीं, और प्राचीन ऋषियों को पता था कि जीवन का पूरा खेल असल में आंतरिक संतोष का खेल है।
चंद्रमा परिवर्तनशील है। यह बढ़ता और घटता है। यह हर 2.25 दिनों में राशि बदलता है। यह किसी भी अन्य ग्रह की तुलना में तेज़ी से चलता है। इसलिए चंद्रमा अनुकूलता, मनोदशा, और चेतना के लगातार बदलते मौसम का प्रतिनिधित्व करता है। एक मजबूत चंद्रमा आपको अपनी आंतरिक शांति खोए बिना जीवन के परिवर्तनों के साथ बहने देता है। एक कमज़ोर चंद्रमा वही बाहरी घटनाओं को तूफ़ान जैसा महसूस कराता है।
दर्पण सादृश्य (The Mirror Analogy): सूर्य प्रकाश उत्पन्न करता है। चंद्रमा केवल उसे प्रतिबिंबित करता है। उसी तरह, आपकी आत्मा (सूर्य) स्रोत है, लेकिन आपका मन (चंद्रमा) वह दर्पण है जिसके माध्यम से आप सब कुछ देखते हैं। यदि दर्पण साफ़ है (चंद्रमा मजबूत), तो वास्तविकता स्पष्ट दिखती है। यदि दर्पण धूल भरा या टूटा हुआ है (चंद्रमा पीड़ित), तो वास्तविकता विकृत दिखती है — भले ही बाहर कुछ भी गलत न हो।
चंद्रमा "कुंडली के भीतर कुंडली" क्यों है: वैदिक ज्योतिष में, हम चंद्र लग्न नामक एक दूसरी कुंडली बनाते हैं, जहाँ चंद्रमा की राशि पहला घर बन जाती है। इसे दूसरे लग्न के रूप में माना जाता है। हर योग, हर भाव अर्थ, चंद्रमा से फिर से पढ़ा जा सकता है। यदि आपकी लग्न कुंडली और आपकी चंद्र लग्न कुंडली दोनों एक ही योग दिखाती हैं, तो वह योग दोगुना मजबूत हो जाता है।
2. बोर्डरूम सादृश्य: दिलों की रानी
यदि सूर्य CEO है जो दृष्टि निर्धारित करता है, तो चंद्रमा लोगों और संस्कृति की प्रमुख है। वह रानी है।
- वह तिमाही मुनाफ़े की चिंता नहीं करती जैसा CEO करता है।
- वह इस बात की परवाह करती है कि टीम कैसा महसूस कर रही है।
- वह सभी को नाम से जानती है। वह जानती है कि किसकी माँ बीमार है।
- वह प्रतिभा का पोषण करती है। वह संघर्ष को शांत करती है। वह लोगों को काम पर आने के लिए प्रेरित करती है।
- जब वह परेशान होती है (पीड़ित), तो रणनीति परफेक्ट होने पर भी मनोबल गिर जाता है। पूरी कंपनी विषाक्त हो जाती है।
यही कारण है कि चंद्रमा जनता पर शासन करता है। लोग उस नेता से प्यार करते हैं जो महसूस करता है कि वह गर्म है। लोग उस नेता को अस्वीकार करते हैं जो तकनीकी रूप से सही है लेकिन भावनात्मक रूप से ठंडा है। यदि किसी राजनेता का चंद्रमा मजबूत है, तो जनता उसकी पूजा करती है। यदि चंद्रमा कमज़ोर है, तो उसकी अपनी पार्टी भी उससे मुँह मोड़ लेती है।
3. पौराणिक कथा: अमृत और श्राप
वैदिक पौराणिक कथाओं में, चंद्र का जन्म समुद्र मंथन से हुआ था। वह सोम है — अमरत्व का अमृत। चंद्रमा का पोषण, दूध और अमृत (आनंद का अमृत) से संबंध इसी मूल से आता है।
लेकिन चंद्र को दो बार श्राप दिया गया, और ये श्राप चंद्रमा के सबसे बड़े मनोवैज्ञानिक पाठों को दर्शाते हैं:
पहला श्राप — दक्ष द्वारा (उनके ससुर): चंद्र ने सभी 27 नक्षत्रों (दक्ष की पुत्रियों) से विवाह किया, लेकिन वह केवल एक — रोहिणी — का पक्ष लेते थे। अन्य 26 पत्नियों ने अपने पिता से शिकायत की। दक्ष ने चंद्र को क्षीण होकर मरने का श्राप दिया। चंद्र ने शिव से प्रार्थना की, और शिव ने श्राप को कोमल किया: मरने के बजाय, चंद्र हर 15 दिनों में बढ़ेंगे और घटेंगे। यही कारण है कि चंद्रमा के चरण होते हैं।
सबक: चंद्रमा पक्षपाती लगाव के खतरे को सिखाता है। जब आप अपने प्यार को समान रूप से साझा नहीं कर सकते, तो आप मुरझा जाते हैं। जब मन एक चीज़ से चिपक जाता है, तो वह संतुलन खो देता है। यही कारण है कि एक कमज़ोर चंद्रमा वाले व्यक्ति का अक्सर भावनात्मक जीवन अस्थिर होता है — वे आराम के एक स्रोत पर ध्यान केंद्रित करते हैं, उसे खो देते हैं, और टूट जाते हैं।
दूसरा श्राप — गणेश द्वारा: एक बार चंद्र अपने वाहन से गिरने पर गणेश पर हँसे। गणेश ने उन्हें श्राप दिया: जो कोई भी आपको देखेगा उस पर झूठा आरोप लगेगा। यही कारण है कि हम गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा को नहीं देखते।
सबक: चंद्रमा प्रतिष्ठा पर शासन करता है। एक कमज़ोर चंद्रमा अनुचित आरोप लाता है। एक मजबूत चंद्रमा अनदेखी प्रशंसा लाता है।
4. कारकत्व (Karakas)
चंद्रमा जीवन के विशाल क्षेत्रों का प्राकृतिक कारक है। ये "विभाग" हैं जिन्हें रानी चलाती है।
🧠 मन
- मनस: सोचने वाला मन, तर्कशील मानसिक बकबक
- स्मृति: अल्पकालिक स्मृति, याद रखने की क्षमता
- कल्पना: चीज़ों को स्पष्ट रूप से चित्रित करने की क्षमता
- भावनात्मक बुद्धिमत्ता: दूसरों की भावनाओं को पढ़ना
👩 माता
- जैविक माँ: स्वास्थ्य, दीर्घायु, और उसके आसपास का भावनात्मक माहौल
- मातृ विकल्प: दादी, चाची, प्राथमिक देखभाल करने वाले
- पोषण संबंध: कोई भी जो आपको खिलाता है (शाब्दिक या भावनात्मक रूप से)
🌊 शरीर
- शासित अंग: पेट, स्तन, लिम्फ, रक्त प्लाज़्मा, सभी शारीरिक तरल पदार्थ, पुरुषों में बाईं आंख / महिलाओं में दाईं आंख
- रोग: सभी द्रव-संबंधी बीमारियाँ — सूजन, लसीका विकार, अवसाद, चिंता, नींद के विकार, हार्मोनल असंतुलन, मासिक धर्म विकार
- मानसिक स्वास्थ्य: चंद्रमा वह ग्रह है जो चिंता, अवसाद, द्विध्रुवीय विकार, और भावनात्मक अस्थिरता से सीधे जुड़ा है
🏛 जनता
- जन आकर्षण: राजनेता, सेलिब्रिटी, सार्वजनिक ब्रांड
- भीड़: भीड़ का मूड एक चंद्र घटना है
- जल यात्रा: जहाज़, क्रूज़, नौकायन व्यवसाय
- तरल वाणिज्य: डेयरी, पानी, तेल, पेय, दूध व्यवसाय
💼 व्यवसाय
- आतिथ्य, होटल, रेस्तरां, डेयरी
- नर्सिंग, दाई का काम, बाल देखभाल, बुजुर्ग देखभाल
- जनसंपर्क, ब्रांड प्रबंधन, मार्केटिंग
- तरल वस्तुएँ — पेय, तेल
- यात्रा और पर्यटन (विशेष रूप से जल यात्रा)
- रियल एस्टेट
- मनोविज्ञान और परामर्श
🪷 सामग्री और पदार्थ
- मोती, चांदी, सफेद चंदन, सफेद फूल
- दूध, दही, घी, पानी, सभी सफेद खाद्य पदार्थ
- कपूर, ठंडी जड़ी-बूटियाँ
5. चंद्रमा के 3 गुण
स्थिति के आधार पर चंद्रमा कैसे अभिव्यक्त होता है?
🟢 सात्विक चंद्र (शुद्ध)
- स्थिति: कर्क, वृषभ में, गुरु से दृष्ट, 1/4/5/9/10 में
- लक्षण: भावनात्मक रूप से संतुलित, समर्पित, सहज, उदार, मातृवत, गहराई से शांतिपूर्ण
- आदर्श: दयालु माँ, चिकित्सक, नर्स, संत
🔴 राजसिक चंद्र (सक्रिय / बेचैन)
- स्थिति: मेष, तुला, मकर में, मंगल या शुक्र से दृष्ट, 3/6/7/11 में
- लक्षण: रोमांटिक, नाटकीय, ध्यान का भूखा, लोकप्रिय, आकर्षक लेकिन असंगत, मूड-संचालित
- आदर्श: सेलिब्रिटी, प्रेमी, इन्फ्लुएंसर
- जोखिम: दूसरों की स्वीकृति पर भावनात्मक निर्भरता
⚫ तामसिक चंद्र (अंधेरा / पीड़ित)
- स्थिति: वृश्चिक (नीच), राहु/केतु/शनि के साथ, 6/8/12 में, अंधेरे चरण में
- लक्षण: चिंतित, उदास, गुप्त, अवसादग्रस्त, पागल, नींद विकार, माँ का घाव, व्यसन-प्रवण
- आदर्श: अनिद्रा रोगी, संन्यासी, घायल बच्चा
- जोखिम: मानसिक बीमारी, भावनात्मक आत्म-तोड़फोड़, पलायनवाद
6. चंद्रमा की विशेष अवस्थाएँ
बढ़ता बनाम घटता (पक्ष बल)
यह चंद्रमा के लिए सबसे महत्वपूर्ण शक्ति कारक है। शुक्ल पक्ष (बढ़ता हुआ) मजबूत है; कृष्ण पक्ष (घटता हुआ) कमज़ोर है। चंद्रमा सूर्य से विरोध के जितना करीब (पूर्णिमा), उतना ही मजबूत। सूर्य के साथ युति के जितना करीब (अमावस्या), उतना ही कमज़ोर।
- सूर्य से 72° के भीतर: कमज़ोर (कृष्ण पक्ष क्षेत्र)
- सूर्य से 72° से अधिक: मजबूत (शुक्ल पक्ष क्षेत्र)
- सटीक विरोध (पूर्णिमा): अधिकतम शक्ति
- सटीक युति (अमावस्या): अधिकतम कमज़ोरी
ज्वलन (Combustion)
चंद्रमा सूर्य के ~12° के भीतर "अस्त" होता है। एक अस्त चंद्रमा वाले व्यक्ति को अक्सर माँ के आसपास बचपन का आघात, कम आत्मविश्वास, या एक प्रभावशाली पिता होता है।
केमद्रुम योग (अकेला चंद्र)
जब चंद्रमा से 2 या 12 भाव में कोई ग्रह नहीं होता, और कोई ग्रह चंद्रमा को नहीं देखता, तो चंद्रमा केमद्रुम बन जाता है — पूरी तरह से अकेला। यह सबसे दर्दनाक योगों में से एक है: यह गरीबी, अकेलापन, और यह पुरानी भावना पैदा करता है कि कोई आपका समर्थन नहीं करता। AstroCalc केमद्रुम का पता लगाता है और इसे कर्म योगों के तहत चिह्नित करता है।
सुनफा, अनफा, दुरुधरा
केमद्रुम का विपरीत:
- सुनफा: चंद्रमा से 2 में ग्रह — अपने प्रयासों से धन
- अनफा: चंद्रमा से 12 में ग्रह — आरामदायक जीवन, लोकप्रिय
- दुरुधरा: दोनों तरफ ग्रह — उदारता, प्रचुरता, सभी दिशाओं से समर्थन
गज केसरी योग
चंद्रमा और गुरु एक-दूसरे से केन्द्र (1, 4, 7, 10) में होने पर गज केसरी बनाते हैं। ज्ञान + पोषण एकजुट। AstroCalc इसका पता लगाता है।
7. 12 राशियों में चंद्रमा
राशि चक्र से गुज़रते समय चंद्रमा का स्वाद कैसे बदलता है। (नोट: प्रत्येक राशि में चंद्रमा का पूर्ण व्यक्तित्व अलग-अलग राशि पृष्ठों में शामिल है।)
- ♈ मेष चंद्र: अधीर, अग्रणी, भावनात्मक रूप से उग्र, त्वरित-स्वभाव, बहादुर। चंद्र यहाँ संधि (बेचैन) है लेकिन साहसी।
- ♉ वृषभ चंद्र (उच्च): सबसे शांत चंद्र। कामुक, वफ़ादार, स्थिर, खाने का शौक़ीन, संबंधों में अधिकार जताने वाला। "आराम-क्षेत्र पारखी।"
- ♊ मिथुन चंद्र: जिज्ञासु, बातूनी, मजाकिया, बेचैन, बौद्धिक रूप से भावनात्मक। शब्दों के माध्यम से महसूस करता है।
- ♋ कर्क चंद्र (स्व राशि): चंद्र अपने घर में। गहराई से पोषण, सहज, परिवार-उन्मुख। प्राकृतिक चिकित्सक।
- ♌ सिंह चंद्र: गर्व, नाटकीय, उदार, सराहना की मांग, राजसी रवैया।
- ♍ कन्या चंद्र: विश्लेषणात्मक, चिंतित, पूर्णतावादी, सेवा-उन्मुख, चुपचाप चिंता करता है।
- ♎ तुला चंद्र: राजनयिक, सामाजिक, साझेदारी-संचालित, अनिर्णायक, रोमांटिक।
- ♏ वृश्चिक चंद्र (नीच): तीव्र, गुप्त, भावनात्मक रूप से चरम, मानसिक रूप से गहरा। अक्सर माँ का घाव या प्रारंभिक आघात।
- ♐ धनु चंद्र: आशावादी, दार्शनिक, स्पष्टवादी, स्वतंत्रता-प्रेमी, शिक्षक का दिल।
- ♑ मकर चंद्र: आरक्षित, महत्वाकांक्षी, भावनात्मक रूप से सुरक्षित, गर्म होने में समय लेता है।
- ♒ कुंभ चंद्र: अलग, मानवीय, मित्र-उन्मुख, सनकी, समूहों में सहज लेकिन एक-पर-एक अकेला।
- ♓ मीन चंद्र: दयालु, स्वप्निल, रहस्यमय, पलायनवादी प्रवृत्ति, गहराई से सहानुभूतिपूर्ण।
8. 12 भावों में चंद्रमा
लग्न से प्रत्येक भाव में चंद्रमा क्या करता है, इसका त्वरित पाठ।
| भाव | चंद्रमा का प्रभाव |
|---|---|
| 1st | सुंदर, चुंबकीय, सार्वजनिक-सामना, मनमौजी, भावनात्मक रूप से पारदर्शी। |
| 2nd | तरल/डेयरी/जनता से धन, मीठी वाणी, परिवार से लगाव। |
| 3rd | बहादुर, यात्री, भाई-बहनों के साथ अच्छा, बेचैन। |
| 4th | चंद्रमा के लिए सबसे अच्छा भाव — खुशहाल घर, प्यारी माँ, संपत्ति, आंतरिक शांति। दिग्बल। |
| 5th | रचनात्मक, सहज, उपजाऊ, रोमांटिक, समर्पित। |
| 6th | चिंता, मानसिक स्वास्थ्य संघर्ष, माँ या स्त्री आकृतियों के साथ संघर्ष, लेकिन दूसरों को ठीक करने में सक्षम। |
| 7th | भावनात्मक साझेदारी, आकर्षक जीवनसाथी, सार्वजनिक करियर। |
| 8th | गहरी मानसिक क्षमता, गुप्त रुचि, लेकिन भावनात्मक अस्थिरता, माँ की सेहत की चिंता। |
| 9th | भक्तिमय, भाग्यशाली माँ, यात्रा से आशीर्वाद। |
| 10th | सार्वजनिक करियर, पोषण व्यवसायों में नेतृत्व, जनता के साथ भावनात्मक संबंध से प्रसिद्धि। |
| 11th | कई दोस्त, जनता के माध्यम से वित्तीय लाभ, महिला मित्र। |
| 12th | विदेशी निवास, आध्यात्मिक मन, अलगाव, नींद विकार, रहस्यमय सपने। |
9. चंद्रमा और आपका लग्न (कार्यात्मक स्थिति)
प्रत्येक लग्न के लिए, चंद्रमा का कार्यात्मक अर्थ:
| लग्न | चंद्रमा शासित | कार्यात्मक स्थिति |
|---|---|---|
| मेष | 4th | योगकारक के निकट — घर, माँ, शांति के लिए शुभ |
| वृषभ | 3rd | हल्का अशुभ लेकिन प्राकृतिक शुभ के रूप में जीवनदायक |
| मिथुन | 2nd | मारक लेकिन धन लाने वाला |
| कर्क | 1st | उत्कृष्ट — लग्नेश |
| सिंह | 12th | मिश्रित — हानि लेकिन आध्यात्मिक लाभ |
| कन्या | 11th | आय भाव का स्वामी, लाभ लाता है |
| तुला | 10th | करियर कर्म — मजबूत पेशेवर योग |
| वृश्चिक | 9th | वृश्चिक के लिए योगकारक |
| धनु | 8th | मिश्रित — छिपी गहराई, गुप्त |
| मकर | 7th | विवाह और साझेदारी का स्वामी |
| कुंभ | 6th | कठिन — स्वास्थ्य और संघर्ष |
| मीन | 5th | उत्कृष्ट — रचनात्मकता, भक्ति, बच्चे |
10. चंद्रमा की मित्रता (नैसर्गिक मैत्री)
| संबंध | ग्रह |
|---|---|
| मित्र | सूर्य, बुध |
| शत्रु | कोई नहीं — चंद्रमा किसी से नफ़रत नहीं करता |
| तटस्थ | मंगल, गुरु, शुक्र, शनि |
नोट: हालाँकि चंद्रमा का कोई शत्रु नहीं है, बुध, शनि, राहु, और केतु सभी चंद्रमा को नापसंद करते हैं।
11. चंद्रमा से जुड़े योग
ये प्रमुख योग हैं जहाँ चंद्रमा केंद्रीय भूमिका निभाता है। AstroCalc इन सभी का पता लगाता है।
- गज केसरी योग — चंद्र + गुरु आपसी केन्द्रों में। सबसे प्रसिद्ध चंद्र योग। ज्ञान + भावनात्मक गर्मी।
- चंद्र-मंगल योग — चंद्र और मंगल युति या दृष्टि में। वाणिज्य से धन, व्यवसाय कौशल।
- अधि योग — शुभ ग्रह (बुध, गुरु, शुक्र) चंद्रमा से 6, 7, 8 में। दीर्घायु, नेतृत्व।
- सुनफा / अनफा / दुरुधरा — चंद्रमा के आसपास ग्रह।
- केमद्रुम योग — दर्दनाक "अकेला चंद्र।"
- वसुमती योग — चंद्रमा से उपचय (3, 6, 10, 11) में शुभ ग्रह। स्थिर धन।
- लक्ष्मी योग — चंद्रमा का 9वें स्वामी से संबंध धन के आशीर्वाद लाता है।
12. प्रसिद्ध आदर्श
- मजबूत चंद्र: मदर टेरेसा (ग्रहीय पैमाने पर करुणा), डायना (लोगों की राजकुमारी), ओपरा विनफ्रे (जन सहानुभूति + पोषण ब्रांड)।
- पीड़ित चंद्र: कई प्रसिद्ध कलाकार जिन्होंने अवसाद से लड़ाई लड़ी।
13. ज्वलन, ग्रहण, और चंद्रमा
जब चंद्रमा पीड़ित होता है, आंतरिक जीवन अशांत हो जाता है। ध्यान दें:
- चंद्र + राहु: पितृ-मातृ दोष — अत्यधिक भावनात्मक अस्थिरता, भ्रम, व्यसन, चिंता के दौरे।
- चंद्र + केतु: माँ से अलगाव, रहस्यमय अंतर्दृष्टि, खुद को दूसरों में खोने का डर।
- चंद्र + शनि: कुछ वर्गीकरणों में "विष योग।" पुरानी अवसाद, देर से खिलने वाला भावनात्मक जीवन, अंततः गहरी ज्ञान।
- चंद्र + मंगल: त्वरित स्वभाव, भावनात्मक बहादुरी, धन-मनमुटाव।
- सूर्य + चंद्र (अमावस्या): ज्वलन। माँ का घाव। अहंकार भावना को ग्रहण करता है।
14. AstroCalc चंद्रमा को कैसे प्रदर्शित करता है
आपकी AstroCalc कुंडली में:
- चंद्रमा की राशि उसकी डिग्री और नक्षत्र के साथ दिखाई जाती है।
- चंद्रमा का पाद बताता है कि आपका भावनात्मक केंद्र किस नवांश राशि में रहता है।
- D9 नवांश चंद्र को आपके सच्चे भावनात्मक स्व के रूप में माना जाता है।
- AstroCalc पक्ष बल की गणना करता है और इसे षड्बल बार में दिखाता है।
- चंद्रमा से जुड़े योग स्वचालित रूप से चिह्नित होते हैं।
- विंशोत्तरी दशा जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र से शुरू होती है — इसीलिए चंद्रमा का नक्षत्र समय निर्धारण के लिए सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है।
15. कमज़ोर चंद्रमा के उपाय
यदि चंद्रमा कमज़ोर, पीड़ित, नीच का है, या आपके जीवन में भावनात्मक उथल-पुथल पैदा कर रहा है, तो शास्त्रीय ज्योतिष निम्नलिखित उपायों को निर्धारित करता है। कोई भी रत्न अपनाने से पहले एक योग्य ज्योतिषी से परामर्श करें।
मंत्र
- बीज मंत्र: ॐ सोम सोमाय नमः
- जप: सोमवार को 108 बार, आदर्श रूप से शुक्ल पक्ष के दौरान
- चंद्र गायत्री: ॐ पद्मध्वजाय विद्महे हेम रूपाय धीमहि तन्नो सोम प्रचोदयात्
रत्न
- मोती (Pearl) — प्राकृतिक, अनुपचारित, चांदी में जड़ा, दाहिने हाथ की छोटी उंगली में पहना जाता है
- विकल्प: मूनस्टोन, सफेद मूंगा
- सावधानी: मोती तब नहीं पहनना चाहिए जब चंद्रमा आपकी कुंडली में अशुभ भाव का स्वामी हो। हमेशा पहले अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाएँ।
दिन और व्रत
- सोमवार चंद्रमा का दिन है
- सोमवार को व्रत रखें, सूर्यास्त के बाद एक बार खाएँ, सफेद खाद्य पदार्थ पसंद करें
- सोमवार को ज़रूरतमंदों को दूध, चावल, सफेद कपड़ा, चांदी, या चीनी दान करें
जीवनशैली
- खूब पानी पियें
- जल निकायों के पास समय बिताएँ
- नियमित नींद बनाए रखें
- अपनी माँ का सम्मान करें। उन्हें फ़ोन करें। उनसे मिलें।
- ध्यान का अभ्यास करें
दान
- भूखों को खिलाएँ, विशेष रूप से महिलाओं और माताओं को
- अनाथालयों का समर्थन करें
- प्यासे यात्रियों को पानी और भोजन दें
16. चंद्रमा के एज केस
कुछ गैर-स्पष्ट तथ्य जो अनुभवी ज्योतिषी जानते हैं:
- वृश्चिक में नीच चंद्रमा हमेशा "बुरा" नहीं होता। इतिहास के कई गहरे चिकित्सकों के पास वृश्चिक चंद्र है। नीच भंग अक्सर लागू होता है।
- गुरु की दृष्टि वाला कमज़ोर चंद्र बड़े पैमाने पर ठीक हो जाता है।
- 6/8/12 में उज्ज्वल चंद्र अभी भी मानसिक संघर्ष पैदा कर सकता है।
- चंद्रमा की राशि भावनात्मक जीवन के लिए उसके भाव से अधिक मायने रखती है।
- विंशोत्तरी दशा + चंद्रमा का नक्षत्र वैदिक ज्योतिष में सबसे गहरे भविष्यवाणी उपकरण हैं।
यह भी देखें
- सूर्य (Surya) — आत्मा, चंद्रमा का साथी
- 27 नक्षत्र — चंद्रमा यहाँ रहता है
- विंशोत्तरी दशा — चंद्रमा के नक्षत्र पर आधारित समय प्रणाली
- साढ़े साती — चंद्रमा पर शनि का गोचर
- कर्क (Karka Rashi) — चंद्रमा की स्व राशि